वीडियो कॉल पर बेटी देखती रही और दरिंदों ने मां-बाप को गोलियों से भूना, भाई की हालत नाजुक

Mithila Varnan

दोहरे हत्याकांड के थर्राया चंद्रपुरा, DVC पश्चिम पल्ली कॉलोनी में बारिश के बीच चार नकाबपोशों का तांडव, सड़क पर मिला दर्जनभर खोखा

VARNAN DIGITAL DESK
बोकारो :
DVC चंद्रपुरा की अति-सुरक्षित मानी जाने वाली पश्चिम पल्ली कॉलोनी में गुरुवार की देर शाम खूनी खेल का एक ऐसा दर्दनाक व सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे बोकारो जिले को दहला कर रख दिया है। मूसलाधार बारिश और अंधेरे का फायदा उठाकर चार बेखौफ नकाबपोश अपराधियों ने डीवीसी के क्वार्टर नंबर एच/एम-14 में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की। इस दुस्साहसिक हमले में डीवीसी के सेवानिवृत्त कर्मी नरेश कुमार सिन्हा (66 वर्ष) और उनकी पत्नी रेणु देवी (60 वर्ष) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका 30 वर्षीय इकलौता बेटा रोहित सिन्हा 5 गोलियों की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के समय रेणु देवी अपनी बेटी दीपा से मोबाइल पर वीडियो कॉल के जरिए बात कर रही थीं और बेटी की आंखों के सामने ही दरिंदों ने मां को गोलियों से भून दिया।


खबरों से अपडेट बनें रहने के लिए Mithila Varnan को #X (Twitter) पर भी Follow करें- twitter.com/mithilavarnan

“अंकल, बचा लीजिए…”: तड़पते बेटे की चीख से सहमा इलाका, बोकारो जनरल अस्पताल से रांची रेफर

अपराधियों द्वारा दरवाजा खटखटाते ही शुरू हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी के दौरान जान बचाने के लिए पिता नरेश सिन्हा और बेटा रोहित बाहर सड़क की ओर भागे, लेकिन बेरहम कातिलों ने खदेड़कर बाहर भी गोलियों की बौछार कर दी। खून से लथपथ नरेश कुमार सिन्हा पड़ोसी के दरवाजे पर दस्तक देते-देते सड़क पर ही गिर पड़े और दम तोड़ दिया। वहीं, 5 गोलियों से छलनी बेटा रोहित सड़क पर तड़पते हुए पड़ोसियों से “अंकल, बचा लीजिए…” की गुहार लगाता रहा। स्थानीय लोगों ने लहूलुहान अवस्था में रोहित को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने शरीर से 4 गोलियां तो निकाल दीं, लेकिन 5वीं गोली रीढ़ के पास गहराई में फंसे होने के कारण गंभीर हालत को देखते हुए उसे रांची रेफर कर दिया गया है।

खबरों से Quick Update बनें रहने के लिए Mithila Varnan के Whatsapp Channel से जुड़े- https://whatsapp.com/channel/0029VbAYGcq

फॉरेंसिक व डॉग स्क्वायड की जांच तेज, चास में हुआ दाह-संस्कार; SIT ने दो संदिग्धों को उठाया

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से 7 खोखे, 3 जिंदा कारतूस, चाकू, टूटा हुआ हेलमेट और चप्पलें बरामद की हैं। शुक्रवार को रांची और बोकारो से पहुंची फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स तथा डॉग स्क्वायड की टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बेरमो एसडीपीओ रवींद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है, जिसने दो स्थानीय संदिग्धों को हिरासत में लेकर गुप्त स्थान पर पूछताछ शुरू कर दी है। इधर, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों शवों को परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद चास स्थित श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में बड़े पुत्र राकेश कुमार सिन्हा ने माता-पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान चित्रगुप्त समाज के लोगों व परिजनों की अश्रुपूरित आंखों के बीच पूरे चंद्रपुरा में मातम पसरा रहा।

खबरों से अपडेट बनें रहने के लिए Mithila Varnan के #Facebook पेज facebook.com/mithilavarnan से जुड़ें


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *