संस्कार, शिक्षा और सधे हुए तीर: ESL स्टील लिमिटेड ने कुछ यूं अनूठे अंदाज में मनाया ‘शिक्षक दिवस’

Mithila Varnan

बोले CEO रवीश शर्मा- शिक्षकों का मार्गदर्शन ही समाज की असली ताकत

900 से अधिक बच्चों ने मार्गदर्शकों के प्रति जताई कृतज्ञता

VARNAN DIGITAL DESK
बोकारो: “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय…” की पावन परंपरा को जीवंत करते हुए वेदांता समूह की कंपनी ईएसएल स्टील लिमिटेड (ESL Steel Limited) ने अपने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत शिक्षक दिवस का आयोजन अत्यंत गरिमामयी, प्रेरणादायी और भव्य रूप से किया। कंपनी द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक केंद्रों और खेल अकादमियों में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से उन शिक्षकों, प्रशिक्षकों और मार्गदर्शकों के अमूल्य योगदान को सलाम किया गया, जो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के स्वर्णिम भविष्य की नींव रख रहे हैं।

8 लर्निंग सेंटर्स और 12 नंदघरों में बिखरे रचनात्मकता के रंग
ईएसएल स्टील के फ्लैगशिप ‘प्रोजेक्ट शिक्षा’ के तहत संचालित 8 लर्निंग रिसोर्स सेंटर्स (LRC) और 12 नंदघरों में उत्सव का माहौल रहा। 900 से अधिक बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ क्विज़, चित्रकला (पेंटिंग) और विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी मेधा प्रदर्शित की। मासूम बच्चों ने अपने हाथों से बनाए हुए ग्रीटिंग कार्ड्स और उपहार अपने गुरुओं को भेंट कर उनके प्रति अपना अपार स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त की।

आर्चरी अकादमी के धुरंधरों ने कोच के प्रति जताया आदर
शिक्षा के साथ-साथ खेलों के मैदान में भी शिक्षक दिवस की अद्भुत छटा देखने को मिली। ईएसएल स्टील की तीरंदाजी अकादमी (Archery Academy) में भावी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजों ने अपने कोच और खेल मार्गदर्शकों का वंदन किया। उल्लेखनीय है कि इस अकादमी के माध्यम से अब तक 56 प्रतिभावान ग्रामीण युवाओं को तीरंदाजी का पेशेवर प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जो क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।

इस अवसर पर ईएसएल स्टील लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं पूर्णकालिक निदेशक रवीश शर्मा ने सभी शिक्षकों व प्रशिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा:

“शिक्षक न केवल बच्चों के भविष्य के शिल्पकार हैं, बल्कि वे समाज को सही दिशा दिखाने वाले पथ-प्रदर्शक भी हैं। वे केवल ज्ञान ही नहीं बांटते, बल्कि बच्चों के भीतर छिपे आत्मविश्वास और क्षमताओं को जगाते हैं। ईएसएल स्टील में हम शिक्षा और युवा सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। ‘प्रोजेक्ट शिक्षा’ और हमारी आर्चरी अकादमी का यही मूल उद्देश्य है कि ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को निखरने का सही मंच मिले। समाज के इस नव निर्माण में जुटे सभी गुरुओं को हमारा कोटि-कोटि नमन।”

930 से अधिक बने सहभागी; हजारों जीवन में उजाला फैला रही ईएसएल की पहल

शिक्षक दिवस पर आयोजित इन बहुआयामी कार्यक्रमों में कुल 930 से अधिक लाभार्थियों ने सहभागिता की। ईएसएल स्टील की दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि ‘प्रोजेक्ट शिक्षा’ के माध्यम से वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 1,548 विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ा जा चुका है। वहीं, ‘वेदांता आस विद्यालय’ (Vedanta AAS Vidyalaya) के डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए अब तक 1,700 से अधिक बच्चों तक आधुनिक शिक्षा की अलख जगाई जा चुकी है। कुल मिलाकर, ईएसएल स्टील लिमिटेड अपनी इन निरंतर पहलों के जरिए न केवल शिक्षा और खेलों को नया आयाम दे रहा है, बल्कि आसपास के ग्रामीण समुदायों के सर्वांगीण विकास की एक नई पटकथा भी लिख रहा है।

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