रन-वे में तकनीकी बदलाव आने की जताई आशंका
VARNAN DIGITAL DESK
बोकारो: “बोकारो एयरपोर्ट का चालू होना अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि राजनीतिक उपेक्षा का शिकार बनी एक अंतहीन गाथा बन गया है!” यह तीखा प्रहार जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व बियाडा चेयरमैन अशोक चौधरी ने शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किया। एयरपोर्ट के संचालन में हो रहे विलंब पर एक दिलचस्प वैज्ञानिक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बोकारो एयरपोर्ट के रनवे पर फिलहाल ’13/31′ अंकित है, लेकिन जिस धीमी रफ्तार से काम चल रहा है, डर है कि कहीं चालू होने का इंतजार करते-करते रनवे का एंगल ही न बदल जाए। पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव लगातार अपनी स्थिति बदलता रहता है, जिससे कुछ दशकों में रनवे का कोण बदलने पर पुराना नंबर मिटाकर नया नंबर पेंट करना पड़ता है। उन्होंने अफसोस जताया कि वर्ष 2018-19 में ‘उड़ान’ योजना के तहत शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट आज भी अटका पड़ा है, जबकि पड़ोस के पुरुलिया स्थित द्वितीय विश्व युद्ध कालीन ‘छर्रा एयरफील्ड’ का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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BGH बदहाल और विस्थापित बेहाल, जनविरोधी नीतियों पर करारा हमला
बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) प्रबंधन की गैर-कोर गतिविधियों से बाहर निकलने की नीति पर हमला बोलते हुए जेडीयू नेता ने कहा कि शिक्षा विभाग और कल्याणकारी विद्यालयों को बंद करने के बाद अब बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) को भी अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। महारत्न कंपनी का यह प्रतिष्ठित अस्पताल आज विशेषज्ञ डॉक्टरों की घोर कमी से जूझ रहा है और इसे मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित करने की बहुप्रतीक्षित योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि BGH को बचाने के लिए अब केवल ‘पैचवर्क’ से काम नहीं चलेगा, बल्कि केंद्र, राज्य और सेल प्रबंधन को मिलकर एक बड़ी और व्यावहारिक नीति तैयार करनी होगी। इसके साथ ही, उन्होंने विस्थापित क्षेत्रों को अब तक पंचायत का दर्जा न मिलने तथा विस्थापित गांवों में पानी, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव को बेहद शर्मनाक बताया।
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अतिक्रमणकारी नहीं ‘अनौपचारिक सेवा प्रदाता’ हैं मजदूर, पुनर्वास की मांग
शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर मानवीय और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की जोरदार वकालत करते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि ऑटो चालक, सब्जी विक्रेता, फुटपाथ दुकानदार, ठेला चालक और ठेका मजदूर इस शहर की अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इन अनौपचारिक सेवा प्रदाताओं को केवल अतिक्रमणकारी मानकर उजाड़ने की नीति बंद की जाए। उन्होंने व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करते हुए कहा कि बोकारो स्टील प्लांट की जिन खाली जमीनों पर फिलहाल कोई प्रोजेक्ट प्रस्तावित नहीं है, उन्हें चिह्नित कर राज्य सरकार को सौंपा जाए ताकि पीएम आवास योजना के तहत पक्के मकान, बिजली और पानी की सुविधाएं दी जा सकें। इसके साथ ही जिला प्रशासन बायोमेट्रिक सर्वे कराकर वास्तविक और जरूरतमंद निवासियों की पहचान करे, ताकि योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों को ही मिले।
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संवाददाता सम्मेलन में एकजुट दिखा जेडीयू कुनबा
इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी रही। कार्यक्रम में पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार, बाल्मीकि सिंह, पानू महतो, जनार्दन चौधरी, कन्हैया जाधव, के.पी. सिंह, महेंद्र गोप, चंद्रदीप शर्मा, अनुज कुमार, अभय कुमार, गोविंद ठाकुर, कन्हाई महतो, अमरावती देवी और मिथिलेश कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे और बोकारो के जनमुद्दों पर अपनी एकजुटता व्यक्त की।
