प्रशासनिक कार्रवाई का नतीजा ‘ढाक के तीन पात’, घुटनेभर पानी में तैरता दिखा बोकारो का सबसे बड़ा दवा बाजार, घरों में घुसा पानी
VARNAN DIGITAL DESK
BOKARO : रसूखदारों के अवैध कब्जों पर गरजा प्रशासन का बुलडोजर, मलबे में तब्दील हुई दुकानें और व्यापारियों को हुआ लाखों का नुकसान, लेकिन परिणाम फिर भी ढाक के तीन पात ही रहा। जिस गंभीर सीवरेज समस्या से निजात दिलाने और आपातकालीन रास्तों को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सेक्टर-4 स्थित लक्ष्मी मार्केट और सिटी सेंटर में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था, वह मूल बीमारी आज भी जस की तस खड़ी है। बुधवार दोपहर हुई महज एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने प्रशासनिक दावों की पोल पूरी तरह खोलकर रख दी। शहर का प्रमुख चिकित्सीय गढ़ माना जाने वाला लक्ष्मी मार्केट और पूरा दवा बाजार जलमग्न होकर किसी कटे हुए टापू में तब्दील हो गया। दुकानों के बाहर घुटने भर पानी भर जाने के कारण डॉक्टरों के पास इलाज कराने पहुंचे लाचार मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी आफत का सामना करना पड़ा, जिससे स्थानीय व्यापारियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। दूसरी तरफ, भारी बारिश में जहां सड़कों पर नदी की धार सी बहने लगी, वहीं सेक्टर- 3 सहित विभिन्न इलाकों में एक बार फिर लोगों के घरों में सीवरेज का गंदा पानी घुस गया, जिससे लोग परेशान रहे।

डीसी के आदेश के बाद भी नहीं बदले हालात, दुकानदारों ने फिर दिखाया ठेंगा
गौरतलब है कि बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने खुद क्षेत्र का गहन निरीक्षण कर सेक्टर-4 लक्ष्मी मार्केट और सिटी सेंटर की इस विकराल समस्या का जायजा लिया था। उनका मूल उद्देश्य शहरवासियों को जलजमाव से मुक्ति दिलाना और पाथवेज व सड़कों को खाली कराकर आपातकालीन स्थितियों के लिए रास्ते सुलभ बनाना था। लेकिन प्रशासनिक बुलडोजर चलने के बाद भी सीवरेज तंत्र में रत्ती भर सुधार न होना नगर प्रबंधन की लाचारी पर बड़े सवाल खड़े करता है। हद तो यह है कि अतिक्रमण रोधी अभियान के कुछ ही दिनों बाद आवंटित प्लॉटधारी दुकानदारों ने एक बार फिर से प्रशासन एवं बीएसएल प्रबंधन की कार्रवाई को धत्ता बता दिया है। पुलिस क्लब के समीप स्थित रसद सामग्री की नामी दुकान के बाहर बरामदे पर दोबारा सामान पसरा दिखा, वहीं पंजाब नेशनल बैंक के समीप का गलियारा एक दुकानके सामे
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प्रबंधन व प्रशासन से पक्की राहत की मांग
एक तरफ जहां कई जगहों पर अतिक्रमण का जाल फिर से बुन लिया गया है, वहीं दूसरी तरफ जलजमाव की भयावह स्थिति ने स्थानीय दुकानदारों और आम जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। इस विकट स्थिति को देखते हुए स्थानीय दवा दुकानदारों ने एक बार फिर उपायुक्त से गुहार लगाते हुए इस गंभीर समस्या के स्थायी व ठोस समाधान की मांग की है। मामले में युवा समाजसेवी अंकित सिंह ने भी अविलंब हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने उपायुक्त से अपील की है कि वे बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) प्रबंधन को सीवरेज लाइन की तुरंत मरम्मत करने और ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए कड़े और सख्त निर्देश जारी करें, ताकि शहरवासियों और इलाज के लिए आने वाले मरीजों को इस रोज-रोज की नारकीय स्थिति से हमेशा के लिए निजात मिल सके।
