- मिथिलेश ठाकुर
पटना : उत्तर बिहार में सड़क अवसंरचना (Infrastructure) को नई रफ्तार देने और नेपाल सीमा तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा (भारत-नेपाल सीमा) तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-22 को फोरलेन में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी गई है। इस 82.58 किलोमीटर लंबी विशाल परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 3,590.73 करोड़ रुपए के बजट को हरी झंडी दिखाई है। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर आधारित यह फोरलेन कॉरिडोर 100 किमी/घंटे की गति क्षमता से लैस होगा, जिससे मुजफ्फरपुर से सोनबरसा के बीच यात्रा का समय घटकर आधा रह जाएगा।
बोले सीएम सम्राट – ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को मिलेगी नई गति
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की मंजूरी पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे ‘विकसित बिहार’ के संकल्प की दिशा में एक मील का पत्थर करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फोरलेन के निर्माण से सीमावर्ती क्षेत्रों का चौतरफा विकास होगा, भारी वाहनों का सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा और स्थानीय उत्पादों के त्वरित व सुरक्षित परिवहन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
धार्मिक पर्यटन और कृषि को मिलेगा सीधा फायदा: सांसद देवेश

परियोजना को स्वीकृत कराने में निरंतर प्रयासरत रहे सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और राज्य नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट किया। सांसद ने बताया कि इस मार्ग पर बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस सड़क को फोरलेन बनाने का निरंतर आग्रह किया था। उन्होंने बताया कि फोरलेन बनने से मां जानकी की प्राकट्य स्थली पुनौरा धाम (सीतामढ़ी), बाबा गरीब नाथ मंदिर (मुजफ्फरपुर) और बौद्ध सर्किट की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध ‘शाही लीची’, मक्का बेल्ट और मेगा फूड पार्क के कृषि उत्पादों को नेपाल सीमा समेत देशभर के बड़े बाजारों तक निर्बाध लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलेगा।
भारत-नेपाल सीमा से होगा सुगम जुड़ाव
सांसद श्री ठाकुर के अनुसार, यह फोरलेन कॉरिडोर वर्तमान 2-लेन सड़क को अपग्रेड करके बनाया जाएगा, जो एनएच-27 को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा से सीधे जोड़ेगा। यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बागमती नदी पर 340 मीटर लंबे विशाल पुल सहित कुल 7 बड़े पुलों, 3 रेलवे ओवरब्रिज और 2 फ्लाईओवरों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के पूर्ण होने से मुजफ्फरपुर, रुन्नीसैदपुर, डुमरा और सोनबरसा जैसे घने आबादी वाले कस्बों को वर्षों पुरानी भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
