झारखंड के ग्रामीण इलाकों में अचानक कैसे बदलने लगी हजारों बच्चों की तकदीर, ESL Steel ने खोला अपनी मुहिम का राज

Mithila Varnan

बोले CEO रवीश- शिक्षा संपूर्ण समाज को बदलने का सबसे शक्तिशाली हथियार

VARNAN DIGITAL DESK
बोकारो।
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर एक चौंकाने वाला और सुखद आंकड़ा सामने आया है, जिसने झारखंड के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा की तस्वीर बदल दी है। साक्षरता की वैश्विक थीम के अनुरूप वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी ईएसएल स्टील लिमिटेड (ESL Steel Limited) ने राज्य के दूरदराज इलाकों में शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और कौशल विकास के क्षेत्र में क्रांति लाते हुए अपनी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों का पर्दाफाश किया है। कंपनी अपनी फ्लैगशिप पहल ‘प्रोजेक्ट शिक्षा’ के जरिए पिछड़े इलाकों के बच्चों के सपनों को पंख लगा रही है। वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों पर नजर डालें तो महज छह लर्निंग रिसोर्स सेंटरों के जरिए 598 विद्यार्थियों को सीधे तौर पर मदद पहुंचाई गई। इस दूरदर्शी सोच का ही नतीजा है कि 10वीं की बोर्ड परीक्षा में इस प्रोजेक्ट से जुड़े शत-प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता का परचम लहराया, जिनमें से 77.5 फीसदी छात्र पहली श्रेणी में पास हुए।

वेदांता आस विद्यालय और नंद घर से आया बड़ा बदलाव, 100% सफलता दर ने चौंकाया

डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला रही ‘वेदांता आस विद्यालय’ योजना ग्रामीण युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। अब तक इससे 1,700 से अधिक छात्र जुड़ चुके हैं, जिनमें से अकेले पिछले वित्तीय वर्ष में ही 1,100 से ज्यादा विद्यार्थियों को इसका सीधा फायदा मिला है। इस डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए दी जा रही उच्चस्तरीय पढ़ाई का ही असर है कि बोर्ड परीक्षाओं में लगातार 100 प्रतिशत सफलता दर दर्ज की जा रही है। केवल यही नहीं, शुरुआती बाल विकास और कुपोषण को जड़ से खत्म करने के लिए ईएसएल ने राज्य में 150 नंद घरों का ढांचा तैयार किया है, जिनमें से 12 सेंटरों की सीधी देखरेख की जा रही है। बीते साल इन केंद्रों के माध्यम से 737 मासूमों को पौष्टिक आहार और गुणवत्तापूर्ण शुरुआती शिक्षा दी गई।

वेदांता ईएसएल स्किल स्कूल से 841 युवाओं को मिला रोजगार

किताबी ज्ञान को सीधे आजीविका से जोड़ते हुए ‘वेदांता ईएसएल स्किल स्कूल’ के जरिए अब तक झारखंड के 841 युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार वोकेशनल ट्रेनिंग दी जा चुकी है, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में अभूतपूर्व उछाल आया है।

इस ऐतिहासिक मौके पर ईएसएल स्टील लिमिटेड के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री रवीश शर्मा ने कहा –

शिक्षा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की तकदीर बदलने का सबसे पावरफुल हथियार है। कंपनी यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है कि झारखंड के हर बच्चे और युवा को सीखने, आत्मबल बढ़ाने और अपने सपनों को पूरा करने का समान हक और सही संसाधन मिले।

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