कल्पना नहीं, जीवन्त सत्ता हैं ईश्वर

साधक जब प्रभु के प्रेम में रंग जाता है, तो उसे चारों ओर वही रंग दिखाई देता है। यहां तक कि वह स्वयं भी उसी रंग में रंग जाता है…. Read More

चेतना का बहीखाता है कर्म, नीयत और आपका आंतरिक संतुलन

सद्गुरुदेव श्री नंदकिशोर श्रीमाली व्यक्ति अपनी सफलता, धन, सम्मान, उपलब्धियां और प्रभाव को अपने जीवन का लेखा-जोखा समझता है, जबकि…