‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत रचा गया इतिहास, 150वें वर्ष पर देशप्रेम के जयकारों और ‘भारत माता की जय’ से गूंजे स्कूल
VARNAN DIGITAL DESK
BOKARO : शुक्रवार को पूरी इस्पातनगरी बोकारो राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय स्वाभिमान के अद्वितीय ज्वार से उस वक्त सराबोर हो उठी जब एक साथ हजारों कंठों से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गूंजा। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के तत्वावधान में चलाए जा रहे ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ की रचना के 150वें गौरवशाली वर्ष के उपलक्ष्य में एक साथ, एक समय पर सबसे बड़े सामूहिक गायन का ऐतिहासिक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का भव्य प्रयास किया गया। ठीक पूर्वाह्न 11 बजे बोकारो के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों में एक साथ हजारों कंठों से निकला राष्ट्रभक्ति का यह महास्वर न केवल आकाश में गूंजा, बल्कि हर शहरवासी के दिल में देशभक्ति की अलख जगा गया। इस राष्ट्रव्यापी महा-अभियान के तहत बोकारो के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के कुल 2,006 विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और प्रबुद्ध नागरिकों ने एक स्वर में सामूहिक वन्दे मातरम् का गायन कर अखंड भारत की एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया।
चिन्मय विद्यालय में सैकड़ों विद्यार्थियों ने रची देशभक्ति की नई इबारत

चिन्मय विद्यालय बोकारो में आयोजित भव्य कार्यक्रम में कक्षा नौवीं एवं दसवीं के लगभग 369 विद्यार्थियों ने गरिमामयी उपस्थिति के साथ राष्ट्रगीत का सस्वर गायन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षिका पूजा सिंह ने विषय प्रवेश के साथ किया। इसके बाद सरस्वती विद्या मंदिर के आचार्य बिनय कुमार पांडे ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बताया कि विद्या भारती पूरे देश में एक ही समय पर सबसे बड़े समूह के साथ ‘वन्दे मातरम्’ गायन का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय पहचान और गौरव का प्रतीक है। तत्पश्चात चिन्मय ट्रांसफॉर्मेशन सर्किल के सोहम बिस्वास ने संक्षिप्त वक्तव्य में वन्दे मातरम् के स्वतंत्रता संग्रामकालीन इतिहास और उसके सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। ठीक 11 बजे सभागार में मौजूद अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एक लय में वन्दे मातरम् का गायन किया। कार्यक्रम के अंत में पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ के नारों से गूंज उठा। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य नरमेंद्र कुमार ने विद्या भारती के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वन्दे मातरम् भारत की अखंड एकता को आत्मसात करने का अटूट स्रोत है, जिसके गायन मात्र से ही रोम-रोम में देशप्रेम का भाव हिलोरे मारने लगता है। इस दौरान चिन्मय विद्यालय के सचिव महेश त्रिपाठी, उप प्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा, संयोजक संजीव कुमार, शैबाल गुप्ता सहित तमाम शिक्षक उपस्थित रहे।
सरस्वती विद्या मंदिर में 512 लोगों ने एक स्वर में किया गायन

उधर, सरस्वती विद्या मंदिर, सेक्टर 3/C में ‘एक समय, एक लय, एक स्वर—वन्दे मातरम्’ के पावन भाव के साथ भव्य सामूहिक गायन का आयोजन हुआ। यहां पूर्वाह्न 11 बजे आयोजित इस ऐतिहासिक क्षण में 512 भैया-बहनों, आचार्य बंधु-भगिनियों, प्रबंधकारिणी समिति के पदाधिकारियों, अभिभावकों एवं समाज के गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय के प्राचार्य संजीव कुमार ने कहा कि वन्दे मातरम् मातृभूमि के प्रति परम श्रद्धा, सम्मान और सर्वस्व समर्पण का प्रतीक है। विद्यालय के सचिव राजकुमार सिंह ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया, वहीं कार्यक्रम संयोजक सह उपप्राचार्य राजेश कुमार पाण्डेय ने विद्यार्थियों के मन में देश के प्रति अनन्य भक्ति भाव बनाए रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर समिति की कोषाध्यक्षा स्वाति श्री सहित कई गणमान्य सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
जानिए, कहां कितने प्रतिभागियों ने निभाई सहभागिता

- केंद्रीय विद्यालय नंबर वन: 142 प्रतिभागी
- चिन्मया विद्यालय: 369 प्रतिभागी
- डीएवी पब्लिक स्कूल: 644 प्रतिभागी
- व्यू पॉइंट: 226 प्रतिभागी
- शारदा विद्यापीठ: 75 प्रतिभागी
- आदर्श विद्या मंदिर: 38 प्रतिभागी
- सरस्वती विद्या मंदिर (3/C): 512 प्रतिभागी
कुल प्रतिभागी संख्या: 2,006
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