‘स्वच्छ भारत दिवस’ पर नन्हे-मुन्नों ने एप्रोन और मास्क पहनकर रचा इतिहास; चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को फल बांटकर जताया आभार
VARNAN DIGITAL DESK
BOKARO : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और सादगी के प्रतीक पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), बोकारो में ‘स्वच्छ भारत दिवस’ का बेहद अनूठा और मनमोहक दृश्य देखने को मिला। बापू के सत्य, अहिंसा व स्वच्छता के विचारों को आत्मसात करने और शास्त्री जी के आदर्शों को नमन करने के लिए विद्यालय की सीनियर और प्राइमरी दोनों ही इकाइयों के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने जिस मासूमियत, ऊर्जा और समर्पण के साथ इस महा-अभियान में कदम बढ़ाया, उसने हर किसी का दिल जीत लिया। हाथों में अपनी क्षमता से बड़ी झाड़ू थामे बच्चों ने यह साबित कर दिया कि जब देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प हो, तो उम्र कभी आड़े नहीं आती।

प्राइमरी विंग के छोटे-छोटे बच्चे पूरे अनुशासन और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए हाथों में ग्लव्स, चेहरे पर सेफ्टी मास्क और बदन पर एप्रोन पहनकर जब परिसर में सफाई के लिए उतरे, तो पूरा माहौल एक राष्ट्रीय उत्सव में बदल गया। कक्षाओं की आंतरिक सफाई से लेकर पूरे विद्यालय परिसर, खेल के मैदान, पुस्तकालय और आसपास के क्षेत्रों तक चले इस सघन सफाई अभियान में डीपीएस बोकारो परिवार का हर एक सदस्य राष्ट्र-निर्माण के एक ही सूत्र में बंधा नजर आया।

विशेष प्रार्थना सभा के दौरान चौथी कक्षा की छात्रा वंशिका श्रेष्ठ ने महात्मा गांधी का जीवंत रूप धारण कर अहिंसा, सत्य और स्वच्छता का अमर संदेश दिया। वहीं, पांचवीं के छात्र हिरेश हितांश ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की वेशभूषा में उनके सादगीपूर्ण विचारों और ‘जय जवान, जय किसान’ के कालजयी नारे को बुलंद किया। कक्षा पहली के मासूम विद्यार्थियों ने ‘बापू के तीन बंदर’ विषय पर सुमधुर कविता पाठ कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही बच्चों ने बापू के प्रिय भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

विद्यालय को रोजाना चमकाने और स्वच्छ रखने वाले चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों तथा सफाई कर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें सम्मानपूर्वक ताजे फल वितरित किए गए। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर विद्यालय उद्यान में फलदार व छायादार पौधे रोपे और अंत में ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ के संदेश के साथ सामूहिक स्वच्छता की शपथ ली।

बोले प्राचार्य डॉ. गंगवार- स्वच्छ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास
पूरे अभियान का कुशल मार्गदर्शन कर रहे विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ शरीर में ही स्वच्छ, स्वस्थ और सकारात्मक मन का वास संभव है। आज के दौर में एक सशक्त और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण के लिए स्वच्छता को हर नागरिक की आदत और सबसे बड़ा जनांदोलन बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यालय की इस प्रतिबद्धता और नन्हे विद्यार्थियों की इस ऐतिहासिक भागीदारी को देश के उज्ज्वल भविष्य की पहचान बताया।
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