Q2 में कारोबार ₹31,998 करोड़ और कच्चा इस्पात उत्पादन 4.85 MT पहुंचा; सीएमडी डॉ. ए. के. पंडा बोले—’घरेलू मांग और लागत नियंत्रण से मिली ऐतिहासिक मजबूती’
VARNAN DIGITAL DESK
New Delhi/Bokaro : देश की अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न इस्पात निर्माता कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बीच चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) और पहली छमाही (H1) में शानदार और ऐतिहासिक वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में घोषित वित्तीय परिणामों के अनुसार, कंपनी ने लागत अनुकूलन (Cost Optimization), खुदरा बाजार में आक्रामक विस्तार और बेहतर प्रचालन दक्षता के दम पर अपने शुद्ध लाभ में अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में कंपनी का कर-पश्चात लाभ (PAT) पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹427 करोड़ के मुकाबले लगभग 315% की जबर्दस्त छलांग लगाते हुए ₹1,774 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। इसके साथ ही वित्तीय अनुशासन और उधारी घटाने की दिशा में उठाए गए रणनीतिक कदमों के चलते कंपनी का कुल कर्ज घटकर अब ₹20,583 करोड़ रह गया है।
दूसरी तिमाही का रिपोर्ट कार्ड: उत्पादन, बिक्री और टर्नओवर में रिकॉर्ड बढ़त
समीक्षाधीन दूसरी तिमाही के दौरान सेल ने उत्पादन से लेकर बिक्री तक के सभी प्रमुख पैमानों पर शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का कच्चा इस्पात उत्पादन बढ़कर 4.85 मिलियन टन (MT) दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की दूसरी तिमाही में 4.65 MT और चालू वर्ष की पहली तिमाही में 4.76 MT था। खुदरा और संस्थागत ग्राहकों तक सीधी पहुंच बढ़ाने से दूसरी तिमाही में बिक्री 5% (YoY) बढ़कर 5.16 मिलियन टन रही, जबकि पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 24% (QoQ) की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
इस मजबूत मांग के चलते कंपनी का कुल परिचालन कारोबार ₹26,704 करोड़ से बढ़कर ₹31,998 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं ब्याज, कर और मूल्यह्रास से पहले की कमाई (EBITDA) पिछले वर्ष के ₹2,829 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹4,561 करोड़ दर्ज की गई। इसके अलावा कंपनी का कर-पूर्व लाभ (PBT) भी ₹553 करोड़ से चार गुना बढ़कर ₹2,356 करोड़ के मजबूत स्तर पर पहुंच गया है।
पहली छमाही के नतीजे: शुद्ध लाभ ₹3,410 करोड़, कारोबार ₹58,243 करोड़
सेल की तरफ से बोकारो इस्पात संयंत्र के संचार प्रमुख मणिकांत धान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल से सितंबर 2026) के संयुक्त परिणाम भी कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और परिचालन क्षमता को दर्शाते हैं। पहली छमाही में कंपनी का कुल कच्चा इस्पात उत्पादन 9.50 MT से बढ़कर 9.61 MT रहा, जबकि प्रचालन से कुल कारोबार ₹52,625 करोड़ के मुकाबले उछलकर ₹58,243 करोड़ पर पहुंच गया।
वित्तीय मोर्चे पर इस अवधि में छमाही EBITDA ₹5,754 करोड़ से बढ़कर ₹8,917 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि कर-पूर्व लाभ (PBT) ₹1,443 करोड़ से बढ़कर ₹4,515 करोड़ हो गया। वहीं अप्रत्याशित मदों के समायोजन के बाद कंपनी का कर-पश्चात शुद्ध लाभ (PAT) पिछले वर्ष की समान छमाही के ₹1,112 करोड़ से तीन गुना से अधिक बढ़कर ₹3,410 करोड़ के पार पहुंच गया है।
प्रचालन सुदृढ़ता और वित्तीय अनुशासन का दिखा असर’: सीएमडी डॉ. ए. के. पंडा
वित्तीय परिणामों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) डॉ. ए. के. पंडा ने कहा कि वैश्विक बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद यह शानदार प्रदर्शन कंपनी की सुदृढ़ प्रचालन क्षमता, वित्तीय विवेक और रणनीतिक सजगता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
उन्होंने रेखांकित किया कि भारत के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और देश के भीतर स्टील की बढ़ती घरेलू मांग का पूरा फायदा उठाते हुए कंपनी ने उत्पादन बढ़ाने, कच्चे माल के बेहतर उपयोग और स्टील इन्वेंट्री को घटाने में बड़ी सफलता पाई है। दूसरी तिमाही में बिक्री मात्रा में 24% की तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) वृद्धि के साथ ही लौह अयस्क के उत्पादन और विक्रय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

डॉ. पंडा ने कहा कि कंपनी का पूरा ध्यान अब तकनीकी-आर्थिक मापदंडों को और बेहतर करने, लागत को युक्तिसंगत बनाने, इन्वेंट्री अनुशासन बनाए रखने और हाई-एंड यानी वैल्यू-एडेड स्टील उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाकर लाभप्रदता को नई ऊंचाई देने पर केंद्रित है।
