बोकारो में जीवंत हुईं संयुक्त राष्ट्र की इकाइयां, फिर सजी बच्चों की वैश्विक संसद, बोले ADJ-3 देवेश त्रिपाठी- ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ से ही दुनिया में सौहार्द संभव

Mithila Varnan

DPS बोकारो में अग्रणी MUN 2.0 का शानदार आगाज़

VARNNAN DIGITAL DESK
BOKARO :
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उनके वैश्विक ज्ञान, कूटनीतिक कौशल और तार्किक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बोकारो की मेजबानी में शनिवार को एक बार फिर बच्चों और युवाओं की अनूठी वैश्विक संसद सजकर तैयार हो गई। इसके साथ ही परिसर में संयुक्त राष्ट्र की अहम घटक इकाइयां पूरी तरह जीवंत हो उठीं। अवसर है दो-दिवसीय मॉडल यूनाइटेड नेशन्स (एमयूएन) कॉन्फ्रेंस ‘अग्रणी 2.0’ (द्वितीय संस्करण) के भव्य शुभारंभ का। शनिवार को इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि पोक्सो न्यायालय, बोकारो के विशेष न्यायाधीश एवं अपर जिला व सत्र न्यायाधीश- 3 देवेश कुमार त्रिपाठी ने प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार तथा एमयूएन कार्यकारिणी परिषद के प्रतिनिधि कपिल कुमार के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

अपने संबोधन में श्री त्रिपाठी ने जिले में एमयूएन की पहल के लिए प्राचार्य डॉ. गंगवार की दूरदर्शिता को सराहते हुए वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में ऐसे कार्यक्रमों को अहम बताया। पूरी दुनिया को सौहार्दपूर्ण तरीके से साथ लेकर चलने के उद्देश्य से गठित संयुक्त राष्ट्र के कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार चौतरफा अशांति और युद्ध के हालात हैं, ऐसे में भारत और यहां के युवाओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत को अपनाकर ही वैश्विक शांति और सौहार्द की स्थापना संभव है। स्वामी विवेकानंद के मंत्र- उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए – को उद्धृत करते हुए उन्होंने वैश्विक सद्भाव की स्थापना में युवाओं की भागीदारी पर बल दिया।

विद्यार्थियों में वैश्विक जागरुकता जरूरी : प्राचार्य डॉ. गंगवार

विद्यालय के प्राचार्य डॉ. गंगवार ने सभी अभ्यागतों का स्वागत करते हुए अग्रणी के प्रथम संस्करण की शानदार सफलता के बाद दूसरी कड़ी के आयोजन के लिए सभी सहभागी शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को किताबी ज्ञान के अलावा इससे परे वैश्विक जागरुकता, नेतृत्व कौशल आदि की सीख देना डीपीएस बोकारो का उद्देश्य है और एमयूएन इसी कड़ी का प्रमुखतम हिस्सा है। उन्होंने नेतृत्व को ताकत की बजाय जिम्मेदारी-बोध का माध्यम बताते हुए सुरक्षित भविष्य के लिए सजग रहने का भी संदेश दिया। इसके पूर्व, विद्यार्थियों ने स्वागत गान व विद्यालय गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी। आरंभिक भाषण में एमयूएन महासचिव अक्षण्या सेजल ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। तदुपरांत छात्राओं ने एकला चलो रे नृत्य के जरिए स्वावलंबन का संदेश दिया। उप महासचिव मीनाक्षी तनु ने कार्यकारिणी परिषद के सदस्यों एवं विभिन्न समितियों से परिचित कराया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम के शुभारंभ की औपचारिक घोषणा की। इस क्रम में प्राचार्य ने मुख्य अतिथि को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। धन्यवाद ज्ञापन मुख्य सलाहकार ध्रुव लोधा ने किया। उद्घाटन सत्र का मंच संचालन छात्रा अवनी अनन्या पांडेय और छात्र जया सुबोध कृष्णा ने किया।

झारखंड-बंगाल के 233 प्रतिनिधि विभिन्न देशों का कर रहे प्रतिनिधित्व

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विभिन्न ज्वलंत और संवेदनशील मुद्दों पर वैचारिक मंथन करने के लिए इस कुंभ में झारखंड के विभिन्न जिलों एवं पश्चिम बंगाल के विभिन्न विद्यालयों से कुल 233 युवा प्रतिनिधि (डेलिगेट्स) अलग-अलग कमेटियों में विभिन्न पोर्टफोलियो के साथ शामिल हुए हैं। वे भारत, चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, जर्मनी, इटली, ब्राज़ील, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित दर्जनों देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। सम्मेलन में अलग-अलग समितियों के लिए बेहद सामयिक और खास एजेंडे तय किए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का मुख्य एजेंडा ‘सघन शहरीकृत संघर्ष क्षेत्रों में अति-आवश्यक नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा’ रखा गया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र महिला स्थिति आयोग (यूएनसीएसडब्ल्यू) का एजेंडा ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना: महिलाओं के रोजगार और आर्थिक अवसरों पर एआई-संचालित परिवर्तनों का समाधान’ तय किया गया है, जिसमें आधुनिक तकनीक के दौर में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर मंथन हो रहा है।

वहीं, मॉडल लोकसभा में समकालीन जन-प्रदर्शनों और नागरिक असंतोष के संदर्भ में वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की संवैधानिक सीमाओं पर विचार-विमर्श पर तीखी और तार्किक बहस छिड़ी हुई है। कोई पीएम मोदी, कोई अमित शाह, तो कोई राहुल गांधी के किरदार में है। इस बार के एमयूएन में कॉर्पोरेट, रणनीति और खेल प्रबंधन की दुनिया को करीब से समझने के लिए ‘इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मेगा ऑक्शन’ की रोमांचक नीलामी प्रक्रिया को भी शामिल किया गया है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की पैनी निगरानी और प्रामाणिक कवरेज के लिए छात्र पत्रकारों के निकाय इंटरनेशनल प्रेस (आईपी) की सक्रिय सहभागिता भी बनी हुई है।

जानिए… क्या है Model United Nations (MUN)

उल्लेखनीय है कि मॉडल यूनाइटेड नेशंस असल में संयुक्त राष्ट्र की एक शैक्षिक अनुकरण (सिम्युलेशन) प्रणाली है, जिसमें विद्यार्थी विभिन्न देशों के राजनयिकों व प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हैं। वे यूएन की तर्ज पर ही अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर वाद-विवाद करते हैं, नीतियों का मसौदा तैयार करते हैं और सर्वसम्मत समाधान प्रस्तुत करते हैं। छात्र जीवन में ही इस प्रकार की उच्च-स्तरीय कूटनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बनने से बच्चों को सार्वजनिक भाषण कला (पब्लिक स्पीकिंग), तार्किक चिंतन, वैश्विक समझ और संवाद कौशल जैसे बहुमूल्य लाभ प्राप्त होते हैं। यह अनूठा अनुभव छात्र-छात्राओं को भविष्य के ऐसे सक्षम और समाधान-परक नेतृत्वकर्ता के रूप में ढालता है जो दुनिया की बड़ी से बड़ी चुनौतियों का मुकाबला कर सकते हैं। इस दो दिवसीय महाकुंभ के दौरान विभिन्न सत्रों में किए गए समग्र प्रदर्शन और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के आधार पर रविवार को समापन समारोह में सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

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