रिंग में गूंजेगा भारत का पंच, बॉक्सिंग को विश्वस्तरीय बनाने के लिए उतरा इंडियन ऑयल 40 करोड़ रु. का ऐतिहासिक समझौता

Mithila Varnan

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की मौजूदगी में NSDF और SAI संग हुआ एकरारनामा

तैयार होगा नया इकोसिस्टम; एशियन गेम्स 2026 में 3 गोल्ड समेत 6 मेडल जीतने वाले मुक्केबाजों को मिलेगी ग्लोबल ट्रेनिंग

VARNAN DIGITAL DESK
NEW DELHI :
नई दिल्ली। भारतीय मुक्केबाजी को वैश्विक मंच पर अजेय शक्ति बनाने और रिंग में तिरंगे की शान को नई बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए खेल जगत में एक ऐतिहासिक गठबंधन हुआ है। देश में मुक्केबाजी की व्यवस्था को जड़ से मजबूत करने, जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने और एथलीटों के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय खेल विकास कोष (NSDF), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और देश की महारत्न ऊर्जा कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने हाथ मिला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में स्वीकृत नई ‘खेलो इंडिया योजना’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए इस त्रिस्तरीय साझेदारी पर औपचारिक मुहर लगाई गई।

इस साझेदारी के तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) मद से आगामी दो वर्षों में 40 करोड़ रु. की विशाल धनराशि का निवेश करेगा। यह राशि सीधे तौर पर प्रतिभा खोज, एथलीटों के पोषण, उच्चस्तरीय कोचिंग, आधुनिक खेल विज्ञान (Sports Science), अत्याधुनिक उपकरण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुभव और मुक्केबाजी अकादमियों के आधुनिकीकरण पर खर्च की जाएगी। इसके साथ ही भारतीय कोच, रेफरी और तकनीकी अधिकारियों की क्षमता निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

समझौते के महत्व को रेखांकित करते हुए केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलों को सही मायने में आत्मनिर्भर और विश्वस्तरीय बनाने के लिए कॉर्पोरेट क्षेत्र का रणनीतिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आर्थिक मदद दे देने से चैंपियन तैयार नहीं होते, बल्कि बॉक्सिंग का एक संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित करना अनिवार्य है। इसके लिए सही समय पर प्रतिभा की पहचान, अत्याधुनिक सुविधाएं, वैज्ञानिक मदद और रेफरी व कोचों का उन्नत प्रशिक्षण सबसे बुनियादी जरूरतें हैं।

डॉ. मांडविया ने अन्य कॉर्पोरेट घरानों का भी आह्वान करते हुए कहा कि शुरुआती दौर में खेलों को मजबूत सहारे की दरकार होती है। एक बार जब सशक्त व्यवस्था खड़ी हो जाती है, तो खेल अपनी रफ्तार खुद पकड़ लेते हैं और निवेश का प्रवाह स्वतः बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उद्यम विभाग के कॉमन सीएसआर थीम फ्रेमवर्क में खेलों को प्राथमिकता देना इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

एशियन गेम्स 2026 की स्वर्णिम सफलता के बाद मिला नया पंख

यह ऐतिहासिक एमओयू ऐसे समय पर हुआ है जब भारतीय मुक्केबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्वर्णिम धमक दिखा चुके हैं। हाल ही में संपन्न एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण और तीन कांस्य पदकों समेत कुल छह पदक अपने नाम किए थे। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य इसी लय को बरकरार रखते हुए आगामी ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप के लिए भारत के संभावित पोडियम फिनिशर्स को हर वो सुविधा उपलब्ध कराना है जो दुनिया के शीर्ष मुक्केबाजों को मिलती है।

इस महत्वपूर्ण समझौते के दौरान केंद्रीय खेल मंत्रालय के सचिव हरि रंजन राव, खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह तथा इंडियन ऑयल की मानव संसाधन निदेशक रश्मि गोविल विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 1998 में गठित राष्ट्रीय खेल विकास कोष (NSDF) सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संसाधनों को एकजुट कर खेल अवसंरचना, अत्याधुनिक कोचिंग और खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय एक्स्पोजर को गति देने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इंडियन ऑयल के साथ हुए इस समन्वय से अब भारतीय मुक्केबाजों को पंच, पावर और परफेक्शन का नया मुकाम मिलना तय माना जा रहा है।

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