BSL ने रचा इतिहास… दिमागी जंग में बना ‘सिकंदर’, ‘रणनीति’ Business Simulation में लगातार चौथे साल बना चैंपियन

Mithila Varnan

70 टीमों को पछाड़कर राहुल पांडा, राहुल सिंह और ओवैस अहमद की तिकड़ी ने मारी बाजी; रांची MTI में लहराया परचम, 2023 से कायम है बादशाहत

VARNAN DIGITAL DESK
BOKARO :
जब बात रणनीति, कॉरपोरेट मैनेजमेंट और संकट के पलों में सटीक फैसले लेने की हो, तो पूरे देश में बोकारो स्टील प्लांट का कोई सानी नहीं है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण ‘सेल डायरेक्टर पर्सनल कप: रणनीति बिजनेस सिमुलेशन प्रतियोगिता’ में बोकारो स्टील प्लांट (BSL) ने लगातार चौथे वर्ष चैंपियन बनकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। मैनेजमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (MTI), रांची में 12 एवं 13 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस रोमांचक राष्ट्रीय फिनाले में बोकारो के युवा अधिकारियों ने अपनी धारदार रणनीतिक सोच, व्यावसायिक सूझबूझ और अभूतपूर्व निर्णय क्षमता का लोहा मनवाते हुए ट्रॉफी पर फिर से कब्जा जमा लिया।

गस्त 2026 से शुरू हुई इस कॉरपोरेट दिमागी जंग में सेल की विभिन्न इकाइयों, इस्पात संयंत्रों और खदान प्रभागों से 170 से अधिक दिग्गज टीमों ने ताल ठोंकी थी। कई चरणों के कड़े परीक्षण और प्रारंभिक दौर के प्रदर्शन के आधार पर केवल 22 टीमें ही सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर सकीं। इसके बाद, एमटीआई रांची में 12 अक्टूबर को आयोजित सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले के बाद 11 बेहतरीन टीमों ने फाइनल में जगह बनाई। फिनाले के अंतिम और निर्णायक चक्रव्यूह में बीएसएल की तिकड़ी ने जटिल व्यावसायिक परिस्थितियों, उतार-चढ़ाव भरे बाजार के रुझानों और संसाधनों के कुशल प्रबंधन का ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला कि विपक्षी टीमें चारों खाने चित्त हो गईं और 13 अक्टूबर को बीएसएल ने लगातार चौथी बार खिताब अपने नाम कर लिया।

बोकारो को गौरवान्वित करने वाली इस विजेता टीम में हॉट स्ट्रिप मिल (HSM) के वरीय प्रबंधक राहुल रंजन पांडा, उप महाप्रबंधक राहुल सिंह तथा सेंट्रल मैकेनिकल मेंटेनेंस विभाग के वरीय प्रबंधक ओवैस अहमद शामिल थे। इस टीम ने सिमुलेशन आधारित जटिल व्यावसायिक परिस्थितियों का अत्यंत बारीकी से विश्लेषण किया, सीमित संसाधनों का शत-प्रतिशत सटीक उपयोग सुनिश्चित किया और समयबद्ध निर्णयों के जरिए कंपनी को अधिकतम लाभ और स्थिरता की राह दिखाई। दबाव के पलों में इन अधिकारियों का धैर्य और सामूहिक कार्यकुशलता ही उनकी जीत की असली कुंजी साबित हुई।

गौरतलब है कि वर्ष 2023 से शुरू हुआ यह स्वर्णिम सफर 2024, 2025 और अब 2026 में भी बदस्तूर जारी है। लगातार चौथे साल मिली यह ऐतिहासिक कामयाबी साबित करती है कि बोकारो स्टील प्लांट केवल गुणवत्तापूर्ण फौलाद बनाने में ही अव्वल नहीं है, बल्कि उसके पास आधुनिक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रणनीतिकार और दूरदर्शी कॉरपोरेट लीडर्स भी मौजूद हैं। यह उपलब्धि संयंत्र में अधिकारियों के भीतर नेतृत्व क्षमता के विकास, सतत सीखने की ललक और उत्कृष्ट प्रबंधकीय कार्यसंस्कृति को दर्शाती है, जिससे पूरे इस्पात जगत में बोकारो की साख और भी मजबूत हुई है।

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