अहमदाबाद में सजेगा प्रथम राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप का महाकुंभ, 23 से 31 अक्टूबर तक 13 देशों के बीच होगी खिताबी जंग
बहरीन के बाद अब यूरोपियन टीम को तराशेंगे माधव
VARNAN DIGITAL DESK
BOKARO: झारखंड की माटी की प्रतिभा और खेल कौशल का परचम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर पूरी शान से लहराया है। कोयलांचल और इस्पातनगरी बोकारो के जाने-माने खेल प्रशिक्षक तेज नारायण माधव ने वैश्विक खेल जगत में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आगामी 23 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक गुजरात के अहमदाबाद स्थित वीर सावरकर स्टेडियम में आयोजित होने वाली ‘प्रथम कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप’ (प्रथम राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप) के लिए तेज नारायण माधव को स्कॉटलैंड कबड्डी टीम का मुख्य कोच (हेड कोच) नियुक्त किया गया है। सात समंदर पार की एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टीम की कमान झारखंड के लाल को सौंपे जाने की खबर मिलते ही पूरे राज्य और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई है।
अहमदाबाद में पहली बार आयोजित हो रही इस प्रतिष्ठित राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप में दुनिया भर के दिग्गज कबड्डी खिलाड़ी अपनी ताकत और तकनीक का जौहर दिखाएंगे। पुरुष वर्ग में इस ऐतिहासिक ट्रॉफी पर कब्जा जमाने के लिए कुल 13 शीर्ष देशों की टीमें मैट पर आमने-सामने टकराएंगी। टूर्नामेंट में मेजबान भारत के अलावा स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका, नाइजीरिया, युगांडा और तंजानिया जैसी ताकतवर टीमें खिताबी जंग में ताल ठोक रही हैं। इस महामुकाबले का सीधा प्रसारण टेलीविजन पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जियो हॉटस्टार पर लाइव किया जाएगा, जिससे दुनिया भर के करोड़ों दर्शक इस रोमांच के गवाह बनेंगे।
स्कॉटलैंड टीम का मुख्य कोच नियुक्त होने के बाद तेज नारायण माधव ने अपने इरादे पूरी तरह साफ कर दिए हैं। उन्होंने आत्मविश्वास से लबरेज अंदाज में कहा कि स्कॉटलैंड के खिलाड़ी शारीरिक रूप से बेहद मजबूत और आक्रामक हैं तथा वे इस चैंपियनशिप में किसी भी टीम को आसानी से वॉकओवर नहीं देंगे। माधव ने कहा कि उनकी रणनीति टीम के स्टेमिना को सटीक भारतीय कबड्डी तकनीक, बोनस अंक जुटाने के हुनर और सुपर टैकल के कौशल के साथ जोड़ने की है। उन्होंने दावा किया कि स्कॉटलैंड की टीम अहमदाबाद के मैट पर हर प्रतिद्वंद्वी को कड़ी चुनौती पेश करेगी और इस पहले राष्ट्रमंडल टूर्नामेंट में पदक जीतकर नया इतिहास रचेगी।
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज नारायण माधव का अनुभव बेहद समृद्ध और प्रभावशाली रहा है। इससे पूर्व वे तीसरे एशियन यूथ गेम्स (3rd Asian Youth Games) में बहरीन की राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच की भूमिका सफलतापूर्वक निभा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विदेशी टीमों को प्रशिक्षित करने और उन्हें पोडियम फिनिश तक ले जाने की उनकी विशिष्ट रणनीतिक क्षमता का ही नतीजा है कि स्कॉटलैंड कबड्डी प्रबंधन ने इस बार भारतीय धरती पर होने वाले महा-टूर्नामेंट के लिए उन पर अटूट भरोसा जताया है।
राज्य व राष्ट्रीय संघ का जताया आभार, विनोद तिवारी और तेजस्वी गहलोत को दिया विशेष धन्यवाद
अपनी इस ऐतिहासिक कामयाबी का सारा श्रेय तेज नारायण माधव ने झारखंड और देश के खेल प्रशासकों को दिया है। उन्होंने विशेष रूप से कबड्डी एसोसिएशन ऑफ झारखंड के चेयरमैन बिपिन कुमार सिंह, अध्यक्ष गोपाल ठाकुर और महासचिव मुकेश कुमार सिंह के निरंतर प्रोत्साहन व मार्गदर्शन के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) के अध्यक्ष विभोर विनीत जैन और महासचिव जीतू ठाकुर का भी आभार प्रकट किया, जिनके सहयोग से देश के प्रशिक्षकों को वैश्विक पहचान मिल रही है।
माधव ने विशेष धन्यवाद इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन (IKF) के प्रेसिडेंट विनोद तिवारी तथा जनरल सेक्रेटरी तेजस्वी सिंह गहलोत को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों शीर्ष पदाधिकारियों के अथक प्रयासों और दूरदर्शी सोच के बल पर ही कबड्डी को राष्ट्रमंडल स्तर पर यह भव्य और ऐतिहासिक मंच मिल सका है। प्रथम कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप का यह आयोजन दुनिया भर में कबड्डी को ओलंपिक की राह पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।
