होआ लू की ऐतिहासिक धरोहरों से लेकर लैन हा बे में कयाकिंग तक का लिया आनंद; 18 छात्रों व 3 शिक्षकों के दल ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक यात्रा से बटोरे अनमोल अनुभव
VARNAN DIGITAL DESK
BOKARO: विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान और क्लासरूम की दीवारों से बाहर ले जाकर व्यावहारिक एवं वैश्विक अनुभवों से समृद्ध करने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), बोकारो द्वारा आयोजित वियतनाम शैक्षणिक यात्रा बेहद यादगार अनुभवों के साथ संपन्न हुई। इस अंतरराष्ट्रीय अध्ययन दल ने वियतनाम की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों, वहां के जन-जीवन और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य का बेहद करीब से अवलोकन किया और साथ ही एक से बढ़कर एक रोमांचकारी गतिविधियों का लुत्फ उठाया। गुरुवार को स्वदेश वापसी पर अध्ययन दल के सदस्यों के चेहरे पर अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर का अनूठा उत्साह साफ नजर आ रहा था।

अंतरराष्ट्रीय यात्रा के पहले ही दिन अध्ययन दल ने वियतनाम की प्राचीन राजधानी ‘होआ लू’ का दौरा किया, जो होआंग लोंग नदी से घिरी एक बेहद खूबसूरत ऐतिहासिक धरोहर है। यहाँ छात्रों ने 17वीं शताब्दी के महान सम्राट दिन्ह तिएन हुआंग और सम्राट ले दाई हांग को समर्पित ऐतिहासिक मंदिरों, प्राचीन ड्रैगन बेड्स और चूना पत्थर की मनोरम पहाड़ियों का दीदार किया। इसके बाद दल ‘टॉम कोक’ (तीन गुफाएं) पहुँचा, जहाँ चूना पत्थर की चोटियों और हरे-भरे धान के खेतों के बीच बहती नदी में डेढ़ घंटे की प्रसिद्ध सम्पान नौका यात्रा का आनंद लिया। स्थानीय नाविकों द्वारा अपने पैरों से चप्पू चलाने की अनूठी कला को देखकर बच्चे हैरत में पड़ गए। इसके उपरांत निन्ह बिन्ह स्थित ‘मुआ केव’ में 500 से अधिक खड़ी सीढ़ियां चढ़कर छात्रों ने टॉम कोक घाटी का विहंगम नजारा देखा और पास ही स्थित प्रसिद्ध कमल उद्यान (लोटस गार्डन) का भ्रमण किया। दल को वियतनाम के प्रसिद्ध रेशम और बांस के उत्पाद तैयार करने वाली स्थानीय फैक्ट्रियों का अवलोकन भी कराया गया।

लैन हा बे में क्रूज राइड, कयाकिंग और नाइटिंग का रोमांच
यात्रा के दूसरे दिन दल ने हैलॉन्ग बे के दक्षिण में स्थित सुरम्य ‘लैन हा बे’ का रुख किया, जहाँ ‘ला पैंडोरा’ क्रूज पर एक से बढ़कर एक रोमांचक गतिविधियां आयोजित की गईं। करीब 400 से अधिक छोटे चूना पत्थर द्वीपों, छिपे हुए लैगूनों और निजी समुद्र तटों से घिरे इस सुरम्य स्थल पर विद्यार्थियों ने शाम को कयाकिंग और स्विमिंग का लुत्फ उठाया, तो वहीं रात में फिशिंग (मछली पकड़ने) का रोमांच अनुभव किया। क्रूज पर बच्चों के लिए विशेष कुकिंग क्लासेस, मनोरंजक खेल आयोजित किए गए और एक सहपाठी का जन्मदिन भी धूमधाम से मनाया गया। यात्रा के अंतिम चरण में दल ने हो ची मिन्ह म्यूजियम, स्थानीय बाजारों और विश्व प्रसिद्ध ‘ट्रेन स्ट्रीट’ का भ्रमण किया।
बोले प्राचार्य डॉ. गंगवार- ग्लोबल सिटीजन बनाने में अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर की भूमिका अहम

वियतनाम से सकुशल वापसी पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने पूरी टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया और इस बेहतरीन व अविस्मरणीय अनुभव के लिए सभी सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में बच्चों को ‘ग्लोबल सिटीजन’ (वैश्विक नागरिक) के रूप में विकसित करने के लिए इस प्रकार का अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर और अनुभवजन्य शिक्षा बेहद अनिवार्य है। जब विद्यार्थी विभिन्न देशों की संस्कृति, इतिहास और जीवनशैली को प्रत्यक्ष रूप से देखते और समझते हैं, तो उनका दृष्टिकोण व्यापक होता है और उनमें नेतृत्व क्षमता तथा वैश्विक समझ का विकास होता है। प्राचार्य डॉ. गंगवार ने दोहराया कि डीपीएस बोकारो अपने विद्यार्थियों के समग्र और बहुआयामी विकास के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है, और आगे भी अपने छात्रों को ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच और अवसर प्रदान करता रहेगा, ताकि वे भविष्य की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन सकें। अध्ययन दल के सदस्यों ने इस यात्रा को अपने जीवन का सबसे यादगार और प्रेरणादायी क्षण करार दिया।
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