54वीं AGM में लहराया SAIL का परचम, 1.09 लाख करोड़ का रिकॉर्ड कारोबार, 50.5% उछला मुनाफा; जानिए CMD ने क्या कहा

Mithila Varnan

CMD डॉ. ए.के. पंडा ने पेश किया ऐतिहासिक लेखा-जोखा: वंदे भारत के व्हील्स से लेकर नौसेना के युद्धपोतों तक पहुंचा सेल का स्पेशल स्टील

VARNAN DIGITAL DESK
New Delhi/ Bokaro : देश की दिग्गज महारत्न सार्वजनिक उपक्रम कंपनी ‘स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड’ (SAIL) ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार की चुनौतियों को दरकिनार करते हुए वित्तीय व तकनीकी मोर्चे पर नया कीर्तिमान रच दिया है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित सीएसओआई में हाइब्रिड मोड के जरिए आयोजित सेल की 54वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) डॉ. ए.के. पंडा ने वित्त वर्ष 2025-26 के शानदार वित्तीय परिणामों की घोषणा की। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि सख्त वित्तीय अनुशासन, रिकॉर्ड उत्पादन और वैल्यू एडिशन के दम पर ‘सेल’ ने अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

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कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 1,09,000 करोड़ रुपए से अधिक का रिकॉर्ड कारोबार (टर्नओवर) दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही मजबूत फंड प्रबंधन की बदौलत सेल ने उधारी में 5,000 करोड़ रुपए से अधिक की बड़ी कटौती करने में सफलता पाई है। बिक्री में उछाल और कर्ज के बोझ में कमी आने से कंपनी का टैक्स पूर्व लाभ 44 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि टैक्स पश्चात शुद्ध लाभ (Net Profit) में 50.5 फीसदी की धमाकेदार छलांग देखने को मिली है। शेयरधारकों को तोहफा देते हुए बोर्ड ने 2.35 रुपए प्रति शेयर अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है।

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10.7 मिलियन टन वैल्यू-ऐडेड स्टील का उत्पादन, ‘वंदे भारत’ और नौसेना के 5 नए युद्धपोतों को किया ताकतवर

कंपनी की तकनीकी और व्यावसायिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. ए.के. पंडा ने बताया कि सेल ने क्रूड और सेलेबल स्टील का रिकॉर्ड उत्पादन करने के साथ-साथ वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी के कुल उत्पादन का 56 प्रतिशत यानी 10.7 मिलियन टन उत्पाद केवल वैल्यू-ऐडेड स्टील का रहा। ऑटोमोटिव, बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और ऊर्जा क्षेत्रों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए सेल ने 28 नए स्टील उत्पाद बाजार में उतारे। राष्ट्र निर्माण के अपने संकल्प को मजबूती देते हुए सेल ने भारत की स्वदेशी शान ‘वंदे भारत’ ट्रेनों के लिए विशेष व्हील्स (पहियों) की पहली खेप सफलतापूर्वक रवाना की। इसके अलावा भारतीय नौसेना की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए शामिल किए गए 5 नए आधुनिक युद्धपोतों- आईएनएस अर्नाला, उदयगिरि, हिमगिरि, एंड्रोथ और अंजदीप के निर्माण के लिए विशेष नेवल ग्रेड स्टील की निर्बाध आपूर्ति की।

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हरित ऊर्जा से रोशन होंगे संयंत्र, 2030 तक 35 MT स्टील उत्पादन का रखा महा-लक्ष्य

पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबिलिटी पर बात करते हुए सीएमडी ने बताया कि बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट (ISP) में 4 मेगावाट क्षमता वाले फ्लोटिंग सोलर प्लांट से 5.61 मिलियन यूनिट ग्रीन पावर का उत्पादन शुरू किया जा चुका है। वहीं भिलाई स्टील प्लांट में 20 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट प्रगति पर है। कंपनी अपने सभी प्रमुख संयंत्रों में कुल 278.5 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर तेजी से कार्य कर रही है। भविष्य के दूरगामी विज़न को स्पष्ट करते हुए डॉ. पंडा ने ऐलान किया कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ‘सेल’ ने वित्त वर्ष 2030-31 तक अपनी क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 35 मिलियन टन प्रति वर्ष करने का महा-लक्ष्य निर्धारित किया है, जिस पर कंपनी पूरी ताकत से आगे बढ़ रही है।


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