जंगलों से निकलकर बस्तियों की ओर बढ़ रहे विशालकाय गजराज
जिला प्रशासन और वन विभाग ने जारी की आपात एडवाइजरी, रात में पैदल व दोपहिया से आवागमन पर रोक
VARNAN DIGITAL DESK
BOKARO : कोयलांचल और जंगलों से घिरे गोमिया प्रखंड के बड़की पुन्नू इलाके में इस वक्त खौफ और दहशत का साया मंडरा रहा है। 35 खूंखार और विशालकाय जंगली हाथियों के एक विशाल झुंड ने पूरे क्षेत्र में लगातार डेरा डाल रखा है, जिससे ग्रामीणों की सांसें अटकी हुई हैं। झुंड की लगातार मूवमेंट और बस्तियों की ओर बढ़ते कदमों को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। हालात की गंभीरता को भांपते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) नीतीश कुमार एवं संलग्न पदाधिकारी संदीप शिंदे ने संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र के लिए हाई अलर्ट और आपातकालीन सतर्कता एडवाइजरी जारी कर दी है। अधिकारियों ने दो-टूक शब्दों में ग्रामीणों से अपनी और अपने मासूम बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और किसी भी प्रकार का दुस्साहस न करने की मार्मिक गुहार लगाई है।
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अंधेरा ढलते ही मौत का जोखिम, रात में घरों में ही दुबके रहने की सख्त हिदायत
प्रशासन और वन विभाग के आला अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि हाथियों की मौजूदगी वाले जंगलों और रास्तों पर विशेष रूप से शाम ढलने और रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलना साक्षात मौत को दावत देने जैसा है। रात के घुप अंधेरे में मोटरसाइकिल, साइकिल या पैदल चलना जानलेवा साबित हो सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि हाथियों का यह झुंड बेहद संवेदनशील और आक्रामक हो सकता है; ऐसे में थोड़ी-सी भी लापरवाही किसी की जान ले सकती है या भारी जान-माल का नुकसान करा सकती है। प्रशासन ने ग्रामीणों से पुरजोर अपील की है कि वे वन विभाग के सुरक्षा निर्देशों और मुनादी को कतई हल्के में न लें और सूरज ढलते ही अपने घरों में सुरक्षित रहें।

जंगल किनारे न जाएं, झुंड से दूरी बनाए रखें ग्रामीण: वन विभाग
वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीमें हाथियों के इस विशाल झुंड की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर घने जंगलों की ओर खदेड़ने के प्रयासों में जुटी हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सख्त ताकीद की है कि वे हाथियों को देखने, सेल्फी लेने, उनके करीब जाने या उन्हें छेड़ने व पत्थर मारने जैसी आत्मघाती गलतियां कतई न करें।
यदि किसी भी ग्रामीण को हाथियों की हलचल बस्ती के करीब दिखे, तो वे तुरंत वन विभाग के कंट्रोल रूम या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन ने कहा है कि जब तक वन विभाग की टीम हाथियों को सुरक्षित कॉरिडोर में नहीं पहुंचा देती, तब तक ग्रामीण संयम, सतर्कता और पूर्ण अनुशासन का पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय हादसे को टाला जा सके।
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